धार्मिक चालीसा - Chalisa

श्री पार्वती माता चालीसा

Parvati Chalisa

॥ दोहा ॥ जय गिरी तनये डग्यगे शम्भू प्रिये गुणखानी। गणपति जननी पार्वती अम्बे! शक्ति! भवामिनी।। ॥ चालीसा ॥ ब्रह्मा भेद न तुम्हरे पावे, पांच बदन नित तुमको ध्यावे। शशतमुखकाही न सकतयाष तेरो, सहसबदन श्रम करात घनेरो।। तेरो पार न पाबत माता, स्थित रक्षा ले हिट सजाता। आधार प्रबाल सद्रसिह अरुणारेय, अति कमनीय नयन कजरारे।। ...Read More

श्री चामुण्डा देवी चालीसा

Chamunda Chalisa

॥ दोहा ॥ नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड। दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़।। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत। मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत।। ॥ चौपाई ॥ नमस्कार चामुंडा माता। तीनो लोक मई मई विख्याता।। हिमाल्या मई पवितरा धाम है। महाशक्ति तुमको प्रडम है।। मार्कंडिए...Read More

श्री राधा जी का चालीसा

Radha Chalisa

॥ दोहा ॥ श्री राधे वुषभानुजा, भक्तनि प्राणाधार। वृन्दाविपिन विहारिणी, प्रानावौ बारम्बार।। जैसो तैसो रावरौ, कृष्ण प्रिय सुखधाम। चरण शरण निज दीजिये, सुन्दर सुखद ललाम।। ॥ चौपाई ॥ जय वृषभानु कुँवरी श्री श्यामा, कीरति नंदिनी शोभा धामा। नित्य बिहारिनी रस विस्तारिणी, अमित मोद मंगल दातारा।। राम विलासिनी रस विस्तारिणी, सहचरी सुभग यूथ मन भावनी।...Read More

श्री हनुमान चालीसा

Hanuman Chalisa Chalisa

॥दोहा॥ श्रीगुरु चरन सरोज रज निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु जो दायकु फल चारि॥ बुद्धिहीन तनु जानिके सुमिरौं पवन-कुमार  बल बुधि बिद्या देहु मोहिं हरहु कलेस बिकार॥ ॥चौपाई॥ जय हनुमान ज्ञान गुन सागर। जय कपीस तिहुँ लोक उजागर ॥१॥ राम दूत अतुलित बल धामा। अञ्जनि-पुत्र पवनसुत नामा ॥२॥ महाबीर बिक्रम बजरङ्गी।...Read More

शिव चालीसा

Shiv Chalisa Chalisa

॥दोहा॥ श्री गणेश गिरिजा सुवन, मंगल मूल सुजान। कहत अयोध्यादास तुम, देहु अभय वरदान॥ ॥चौपाई॥ जय गिरिजा पति दीन दयाला। सदा करत सन्तन प्रतिपाला। भाल चन्द्रमा सोहत नीके। कानन कुण्डल नागफनी के॥ अंग गौर शिर गंग बहाये। मुण्डमाल तन छार लगाये। वस्त्र खाल बाघम्बर सोहे। छवि को देख नाग मुनि मोहे॥ मैना मातु की...Read More