पूजा व्रत विधि - Pooja Vrat Vidhi

नवरात्रि में माँ के नौ रूप

Navratri Maa Ke Nau Rup Pooja Vrat Vidhi

पहले दिन: शैलपुत्री :- नवरात्रि पूजा (Navratri Puja) के प्रथम दिन को शैलपुत्री नामक देवी की आराधना की जाती है। पुराणों में यह कथा प्रसिद्ध है कि हिमालय के तप से प्रसन्न होकर आद्या शक्ति उनके यहां पुत्री के रूप में अवतरित हुई और इनके पूजन के साथ नवरात्र का शुभारंभ होता है। दूसरे दिन: ब्रह्मचारिणी :-...Read More

नवरात्रि पूजा विधि

Navratri Puja Vidhi Pooja Vrat Vidhi

शारदीय नवरात्रि (Shardiya Navratri) :- नवरात्र के प्रथम दिन कलश स्थापना कर व्रत का संकल्प लेना चाहिए। नवरात्रि व्रत की शुरुआत प्रतिपदा तिथि को कलश स्थापना से की जाती है। नवरात्रि के नौ दिन प्रात:, मध्याह्न और संध्या के समय भगवती दुर्गा की पूजा करनी चाहिए। श्रद्धानुसार अष्टमी या नवमी के दिन हवन और कुमारी पूजा कर भगवती को...Read More

नवरात्रि में कन्या पूजन विधि

Kanya Pujan Vidhi Pooja Vrat Vidhi

कन्या पूजन की विधि :- कन्या भोज और पूजन के लिए कन्याओं को एक दिन पहले ही आमंत्रित कर दिया जाता है। मुख्य कन्या पूजन के दिन इधर-उधर से कन्याओं को पकड़ के लाना सही नहीं होता है। गृह प्रवेश पर कन्याओं का पूरे परिवार के साथ पुष्प वर्षा से स्वागत करें और नव दुर्गा...Read More

सावन सोमवार व्रत विधि

Sawan Somvar Vrat Pooja Vrat Vidhi

रात्रि के समय जमीन पर सोना चाहिए। इस तरह से सावन के प्रथम सोमवार से शुरु करके कुल नौ या सोलह सोमवार इस व्रत का पालन करना चाहिए। नौवें या सोलहवें सोमवार को व्रत का उद्यापन करना चाहिए। अगर नौ या सोलह सोमवार व्रत करना संभव ना हो तो केवल सावन के चार सोमवार भी व्रत किए जा सकते...Read More

सरस्वती पूजा विधि

Saraswati Pooja Pooja Vrat Vidhi

सरस्वती माता की पूजा करने वाले को सबसे पहले मां सरस्वती की प्रतिमा अथवा तस्वीर को सामने रखकर उनके सामने धूप-दीप और अगरबत्ती जलानी चाहिए। इसके बाद पूजन आरंभ करनी चाहिए। सबसे पहले अपने आपको तथा आसन को इस मंत्र से शुद्घ करें :- "ऊं अपवित्र : पवित्रोवा सर्वावस्थां गतोऽपिवा। य: स्मरेत् पुण्डरीकाक्षं स बाह्याभ्यन्तर: शुचि:॥" इन...Read More