1. होम
  2. धार्मिक आरती
  3. शनि देव जी की आरती

शनि देव जी की आरती

शनि देव जी की आरती (Shani Dev Aarti in Hindi) धर्मग्रंथो के अनुसार सूर्य की पत्नी संज्ञा की छाया के गर्भ से शनि देव का जन्म हुआ, जब शनि देव छाया के गर्भ में थे तब छाया भगवान शंकर की भक्ति में इतनी ध्यान मग्न थी की उसने अपने खाने पिने तक शुध नहीं थी जिसका प्रभाव उसके पुत्र पर पड़ा और उसका वर्ण श्याम हो गया।

Shani Dev Ki Aarti Religious Aarti

-Advertisement-

"आरती"

जय जय श्री शनिदेव भक्तन हितकारी।
सूरज के पुत्र प्रभु छाया महतारी॥ जय...

श्याम अंक वक्र दृष्ट चतुर्भुजा धारी।
नीलाम्बर धार नाथ गज की असवारी॥ जय...

क्रीट मुकुट शीश रजित दिपत है लिलारी।
मुक्तन की माला गले शोभित बलिहारी॥ जय...

मोदक मिष्ठान पान चढ़त हैं सुपारी।
लोहा तिल तेल उड़द महिषी अति प्यारी॥ जय...

देव दनुज ऋषि मुनि सुमरिन नर नारी।
विश्वनाथ धरत ध्यान शरण हैं तुम्हारी॥ जय...

-Advertisement-

-Advertisement-

Related Posts :

  1. शैलपुत्री माता आरती
  2. शिरडी सांई बाबा की आरती
  3. श्री रामायण जी की आरती
  4. श्री सिद्धिदात्री माता जी की आरती
  5. महागौरी माता जी की आरती
  6. श्री स्कंदमाता जी की आरती