हिंदी कविता - Hindi Rhymes

Hindi Rhymes

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हर रोज उस चांद में

Har Roj Us Chaand Mein Hindi Rhymes

हर रोज उस चांद में बस तुम्हारा ही दीदार करते है, सुनो न आज भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करते है। अब तो तन्हा बैठ आसमां को निहारा करते है सारी रात, अब तो आकर चाँद सितारें भी करने लगे है मुझसे बात। रात भर जाग-जाग कर अभी भी सिर्फ तुम्हारा ही इन्तजार करते हैं, सुनो न आज भी सिर्फ तुमसे ही प्यार करते है। साथ बिताये हुये हर लम्हों को मैनें अभी भी सजोया हैं, . . . Read More . . .

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नये साल की सुबह सुहानी

Naye Saal Ki Subah Suhaani Hindi Rhymes

नये साल की सुबह सुहानी, छोड़ो यारो बात पुरानी। नया साल और नयी सुबह, नयी नयी हैं अभी वजह। चलती रहे यही ज़िंदगानी, नये साल की सुबह सुहानी। छोड़ो यारो बात पुरानी, प्यार मोहब्बत की हो बस कहानी। ये नया साल रहे सबसे कूल, माफ़ कर गलतिया जाओ भूल। नाराजगी का ना रहे कोई नाम, 2020 में आपके बने सारे काम। नये साल की सुबह सुहानी, छोड़ो यारो बात पुरानी। चलती रहे यही ज़िंदगानी, छोड़ो यारो बात . . . Read More . . .


वह - कविता

Vah Har Din Aata Hindi Rhymes

वह हर दिन आता, सोचता बडबडाता, घबडाता कभी मस्त होकर प्रफुल्लता, कोमलता से सुमधुर गाता, न भूख से ही आकुल, न ही दुःख से व्याकुल महान वैचारक धैर्य का परिचायक विकट संवेदनाएँ, गंभीर विडंबनाएँ कुछ सूझते ध्यान में पद, संभलता, बढाता पग! होकर एक दिन विस्मित्, किछ दया दूँ अकिंचित् इससे पहले ही सोचकर…, कहा, जाने क्या संभलकर लुटती, टुटती ह्रदय दीनों की, नष्ट होती स्वत्व संपदा सारी मुझे क्या कुछ देगी, ये व्यस्त, अभ्यस्त . . . Read More . . .

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चम्मू चींटा - बाल कविता

Chammu Cheenta Hindi Rhymes

चम्मू चींटा चड्डी पहने, पढ़ने पहुंचे शाला। चड्डी तो थी नई-नई पर, नाड़ा ढीला ढाला। खेल- खेल में चड्डी उतरी, चम्मू जी शरमाये। दोस्त सभी उनकी कक्षा के, शेम-शेम चिल्लाये। . . . Read More . . .

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चिड़िया के थे बच्चे चार

Chidiya Ke Bachche Chaar Hindi Rhymes

चिड़िया के थे बच्चे चार घर से निकले पंख पसार। दूर-दूर तक घूम के आये घर आकर के वे चिल्लाए। देख लिया हमने जग सारा अपना घर है सबसे प्यारा। . . . Read More . . .


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