चामुंडा देवी

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श्री चामुण्डा देवी चालीसा

Chamunda Chalisa

॥ दोहा ॥ नीलवरण मा कालिका रहती सदा प्रचंड। दस हाथो मई ससत्रा धार देती दुस्त को दांड्ड़।। मधु केटभ संहार कर करी धर्म की जीत। मेरी भी बढ़ा हरो हो जो कर्म पुनीत।। ॥ चौपाई ॥ नमस्कार चामुंडा माता। तीनो लोक मई मई विख्याता।। हिमाल्या मई पवितरा धाम है। महाशक्ति तुमको प्रडम है।। मार्कंडिए...Read More

धार्मिक चालीसा

चामुण्डा देवी जी की आरती

Chamunda Devi Religious Aarti

"आरती" जय अम्बे गौरी मैया जय श्यामा गौरी। निशिदिन तुमको ध्यावत, हरि ब्रह्मा शिवजी॥ जय अम्बे... माँग सिन्दूर विराजत, टीको, मृगमद को। उज्जवल से दोउ नयना, चन्द्रबदन नीको॥ जय अम्बे... कनक समान कलेवर, रक्ताम्बर राजे। रक्त पुष्प गलमाला, कंठ हार साजे॥ जय अम्बे... हरि वाहन राजत खड्ग खप्पर धारी। सुर नर मुनिजन सेवत, तिनके दु:ख हारी॥ जय...Read More

धार्मिक आरती