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प्रातः काल - कविता

प्रातः काल कविता, Pratah Kaal Hindi Poems Nursery Rhymes, लोकप्रिय कवियों तथा कवित्रियों द्वारा हिंदी में बच्चों की कविताओं का संग्रह, बच्चों के लिए लिखी गई बाल-कविताएं, हिंदी कविता, हास्य के लिए लिखी गयी कविताएं, छोटे बच्चों की छोटी कविताएं यहाँ पढ़ सकते हैं।

Pratah Kaal Hindi Rhymes

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"कविता"

प्रातः काल घूमता हूँ,

पुनः लौटकर आता हूँ।

दुःख आए तो रोओ मत,

छः बजे तक सोओ मत।

छः बजे तक सोओ मत।।

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