संत

आप यहाँ संत सम्बंधित सभी आर्टिकल पढ़ सकते है।

रविदास के दोहे

Ravidas Ke Dohe Dohe - Couplets

"दोहा" "मन चंगा तो कठौती में गंगा।" "गुरु मिलीया रविदास जी दीनी ज्ञान की गुटकी। चोट लगी निजनाम हरी की महारे हिवरे खटकी।।" "जाति-जाति में जाति हैं, जो केतन के पात। रैदास मनुष ना जुड़ सके जब तक जाति न जात।।" "रैदास कनक और कंगन माहि जिमि अंतर कछु नाहिं। तैसे ही अंतर नहीं हिन्दुअन...Read More

प्रसिद्ध दोहे

कबीर के दोहे

Kabir Ke Dohe Dohe - Couplets

"दोहा" "जब मैं था तब हरी नहीं, अब हरी है मैं नाही। सब अँधियारा मिट गया, दीपक देखा माही॥" "हिन्दू कहें मोहि राम पियारा, तुर्क कहें रहमाना। आपस में दोउ लड़ी-लड़ी मुए, मरम न कोउ जाना॥" "जाति न देखो नेता की, देख लीजिये काम। मोल करो तरवार का, पड़ा रहन दो म्यान॥" "दोस पराए देखि...Read More

प्रसिद्ध दोहे

संत रविदास (रैदास) जी का जीवन परिचय

Ravidas Biography

रविदास (Ravidas) के जीवन चरीत्र की पर्याप्त जानकारी उपलब्ध नही है | लेकिन बहोत से विद्वानों का ऐसा मानना है की श्री गुरु रविदासजी का जन्म 15 वि शताब्दी में भारत के उत्तर प्रदेश के कांशी (बनारस) में हुआ था | हर साल उनका जन्मदिन पूरण मासी के दिन माघ के महीने में आता है | संत रविदास (Sant...Read More

बायोग्राफी