धार्मिक चालीसा - Chalisa

आप यहाँ सभी देवी-देवताओं के चालीसा, भजन चालीसा, धार्मिक चालीसा, चालीसा वंदना पढ़ सकते हैं। भारत में विभिन्न देवी देवता की पूजा की जाती है, देवी देवता की पूजा में चालीसा का विशेष महत्त्व है।

आप यहाँ श्री लक्ष्मी माता चालीसाश्री गायत्री माता चालीसाश्री सरस्वती माता चालीसाश्री कृष्णा जी का चालीसाश्री राम चन्द्र जी का चालीसाश्री शनि देव जी का चालीसाश्री गणेश जी का चालीसाश्री गंगा माता जी का चालीसाश्री सूर्य देव जी का चालीसाश्री तुलसी माता जी का चालीसाश्री दुर्गा माता चालीसाश्री सांई बाबा चालीसाश्री शीतला माता चालीसाश्री विन्ध्येश्वरी माता चालीसाश्री विष्णु जी का चालीसाश्री पार्वती माता चालीसाश्री चामुण्डा देवी चालीसाश्री राधा जी का चालीसा आदि सभी देवी-देवताओं के चालीसा पढ़ सकते हैं।

आप अपना सुझाव हमें देने के लिए हमसे यहाँ संपर्क कर सकते है।

श्री काली माता चालीसा

Kali Mata Chalisa Chalisa

जयकाली कलिमलहरण, महिमा अगम अपार॥ महिष मर्दिनी कालिका, देहु अभय अपार॥ अरि मद मान मिटावन हारी। मुण्डमाल गल सोहत प्यारी॥ अष्टभुजी सुखदायक माता। दुष्टदलन जग में विख्याता॥ भाल विशाल मुकुट छवि छाजै। कर में शीश शत्रु का साजै॥ दूजे हाथ लिए मधु प्याला। हाथ तीसरे सोहत भाला॥ चौथे खप्पर खड्ग कर पांचे। छठे त्रिशूल शत्रु बल...Read More

श्री ललिता माता चालीसा

Lalita Mata Chalisa Chalisa

॥चौपाई॥ जयति जयति जय ललिते माता। तव गुण महिमा है विख्याता॥ तू सुन्दरी, त्रिपुरेश्वरी देवी। सुर नर मुनि तेरे पद सेवी॥ तू कल्याणी कष्ट निवारिणी। तू सुख दायिनी, विपदा हारिणी॥ मोह विनाशिनी दैत्य नाशिनी। भक्त भाविनी ज्योति प्रकाशिनी॥ आदि शक्ति श्री विद्या रूपा। चक्र स्वामिनी देह अनूपा॥ ह्रदय निवासिनी-भक्त तारिणी। नाना कष्ट विपति दल हारिणी॥ ...Read More

श्री संतोषी माता चालीसा

Santoshi Mata Chalisa Chalisa

।। दोहा ।। बन्दौं सन्तोषी चरण रिद्धि-सिद्धि दातार। ध्यान धरत ही होत नर दुःख सागर से पार॥ भक्तन को सन्तोष दे सन्तोषी तव नाम। कृपा करहु जगदम्ब अब आया तेरे धाम॥ ।। चैपाई ।। जय सन्तोषी मात अनूपम। शान्ति दायिनी रूप मनोरम॥ सुन्दर वरण चतुर्भुज रूपा। वेश मनोहर ललित अनुपा॥ श्‍वेताम्बर रूप मनहारी। माँ...Read More

नवग्रह चालीसा

Navgrah Chalisa Chalisa

।। दोहा ।। श्री गणपति गुरुपद कमल, प्रेम सहित सिरनाय। नवग्रह चालीसा कहत, शारद हीत सहाय।। जय जय रवि शषि सोम बुध, जय गुरु भृगु शनिराज। जयति राहु अरु केतु ग्रह, करहु अनुग्रह आज।। ।। चैपाई ।। श्री सूर्य स्तुति :- प्रथमहि रवि कहं नावों माथा, करहु कृपा जनि जानि अनाथा। हे आदित्य दिवाकर...Read More

श्री ब्रम्हा चालीसा

Bramha Chalisa Chalisa

"चालीसा" जय जय कमलासान जगमूला, रहहू सदा जनपै अनुकूला। रुप चतुर्भुज परम सुहावन, तुम्हें अहैं चतुर्दिक आनन। रक्तवर्ण तव सुभग शरीरर, मस्तक जटाजुट गंभीरा। ताके ऊपर मुकुट बिराजै, दाढ़ी श्वेत महाछवि छाजै। श्वेतवस्त्र धारे तुम सुन्दर, है यज्ञोपवीत अति मनहर। कानन कुण्डल सुभग बिराजहिं, गल मोतिन की माला राजहिं। चारिहु वेद तुम्हीं प्रगटाये, दिव्य ज्ञान...Read More